भगवान के सामने भूलकर भी इस तरह न बैठें, वरना तरस जाएंगे पाई-पाई को, उम्र भी होने लगेगी कम!

 किसी भी देवी-देवता की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए वरना आपको पूजा का फल नहीं मिलेगा। तो ज्योतिषि चिराग बेजान दारूवाला से जानिए कि भगवान के सामने किस तरह नहीं बैठना चाहिए।

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 हिंदू धार्मिक मान्यताओं से जुड़े कई रीति-रिवाज और नियम हैं, जो व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालते हैं। हमारी पीढ़ियां सदियों से इन नियमों का पालन करती आ रही हैं। इनमें से कई नियम जीवन को सही तरीके से जीने का आचरण सिखाते हैं और यही जीवन को सार्थक बनाते हैं। हमारे बीच कई ऐसी धार्मिक मान्यताएं हैं, जैसे रात में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए, सोना मिलना और खोना दोनों को अपशकुन मानना, गर्भवती महिलाओं को नदी पार नहीं करना चाहिए, शाम के समय दरवाजे पर नहीं बैठना चाहिए। बाएं हाथ से खाना खाएं। कई आदतें धार्मिक आस्था से जुड़ी होती हैं। इन्हीं में से एक है क्रॉस लेग करके बैठना। आइए एस्ट्रोलॉजर चिराग बेजान दारूवाला से जानते हैं कि भगवान के सामने पैर फैलाकर बैठने से क्या होता है।

भगवान के आगे पैर फैलाकर बैठने से क्या होता है?

शास्त्रों के अनुसार, भगवान के सामने पैर फैलाकर बैठने से या पैर फैलाकर बैठने से धन की देवी मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। खासतौर पर शाम के समय तो कभी भी पैरों को क्रॉस करके नहीं बैठना चाहिए। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि जो व्यक्ति क्रॉस लेग करके बैठता है वह कभी पैसा नहीं कमा पाता है। उसे हमेशा आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। बैठने के अलावा पैर पर पैर रखकर सोना भी नहीं चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की उम्र भी कम हो जाती है।

खड़े होकर पूजा करना ज्यादा शुभ होता है या फिर बैठकर?

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार खड़े होकर पूजा करना सही नहीं माना जाता है। इस प्रकार पूजा करने से कोई फल नहीं मिलता है। घर में पूजा करते समय खड़े होकर पूजा न करें और न ही सीधे जमीन पर बैठकर पूजा करें। पूजा करने से पहले हमेशा आसन बिछाएं और आसन पर बैठकर ही पूजा करें। इसके साथ ही बिना सिर ढके पूजा नहीं करनी चाहिए। महिला हो या पुरुष, पूजा करते समय सिर को हमेशा दुपट्टा या रुमाल से ढंकना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि बिना सिर ढके पूजा करने से सभी लाभ और पुण्य बेकार चला जाता है।

 

 

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