वैशाख की अष्टमी को होती है काल भैरव की पूजा, जानिए वैशाख कालाअष्टमी की तिथि और मुहूर्त

 हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है. कालाष्टमी को भोलेनाथ के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है. मान्यता है काल भैरव की पूजा से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं 

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 हर माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है. कालाष्टमी को भोलेनाथ के रौद्र रूप काल भैरव  की पूजा की जाती है. मान्यता है कि काल भैरव की पूजा से जीवन से सभी प्रकार के कष्टों का निवारण हो जाता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. कालाष्टमी का शिव भक्त विशेष रूप से भगवान भैरव के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं. आइए जानते हैं वैशाख माह की कालाष्टमी कब है 2025) और इस दिन क्या करना चाहिए

कब है वैशाख कालाष्टमी

इस वर्ष वैशाख माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 20 अप्रैल रविवार को रात 7 बजकर 1 मिनट पर शुरू होगी और 21 अप्रैल सोमवार को शाम 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. वैशाख कालाष्टमी का व्रत 21 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा. 
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कालाष्टमी को क्या करना चाहिए

  1. कालाष्टमी को भगवान शंकर के काल भैरव रूप की पूजा की जाती है. इस दिन काल भैरव की पूजा के साथ साथ कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना जरूरी होता है.
  2. कालाष्टमी के दिन जीव जंतुओं को भोजन कराना चाहिए. इससे काल भैरव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
  3. कालाष्टमी के दिन जरूरतमंदों को अन्न का दान करना चाहिए. इससे मन में आने वाले निगेटिव विचार दूर होते हैं.
  4. कालाष्टमी के दिन काल भैरव की स्तुति वाले मंत्रों का जाप करें. मंत्रों के जाप से  भूत-पिशाच का डर दूर रहता है.
  5. कालाष्टमी के दिन मांसाहारी भोजन का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए.
  6. कालाष्टमी के दिन किसी के साथ खराब व्यवहार नहीं करना चाहिए                              
  7. कालाष्टमी के दिन शिव पुराण का जाप करना चाहिए.
  8. कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को भोजन कराना शुभ माना जाता है.
  9. कालाष्टमी के दिन काल भैरव को गुड़, दही और हलवा का भोग चढ़ाना चाहिए

कालाष्टमी पूजा मंत्र

कालाष्टमी  के दिन विशेष मंत्रों के जाप से काल भैरव प्रसन्न होते हैं

ॐ काल भैरवाय नमः..

ॐ क्रीं क्रीं कालभैरवाय फट..

ॐ हं षं खं महाकाल भैरवाय नमः

कालाष्टमी के उपाय

सुख-समृद्धि के उपाय

कालाष्टमी के दिन पर काल भैरव जी के आगे मिट्टी के दीपक में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ‘ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊंमंत्र का जाप करें.

सेहत के उपाय

बेहतर सेहत के लिए कालाष्टमी के दिन सरसों के तेल में चुपड़ी हुई  रोटी काले कुत्ते को खिलाएं. रोटी पर तेल लगाते समय मन ही मन काल भैरव का स्मरण करें.

आर्थिक स्थिति बेहतर करने के उपाय

कालाष्टमी के दिन काल भैरव के चरणों में एक काले रंग का धागा रखें. काले धागे को पांच मिनट के लिए काल भैरव के चरणों में रहने दें और उनका का ध्यान करें और फिर उस धागे को दाएं पैर में बांध लें.

पारिवारिक कलह से बचाव के उपाय

पारिवारिक जीवन में चल रही समस्या से बचने के लिए कालाष्टमी के प्रात: काल स्नान करने के बाद भगवान शिव की प्रतिमा के आगे आसन बिछाकर बैठें और ध्यान लगाकर शिव चालीसा का पाठ करें

 

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